क्या से क्या हो गया
क्या बताऊँ कि मैं क्या से क्या हो गया इक तवायफ़ के पाज़ेब सा हो गया जिसको माना नहीं आज तक मर्द ने एक मजबूर औरत की ना हो गया
क्या बताऊँ कि मैं क्या से क्या हो गया इक तवायफ़ के पाज़ेब सा हो गया जिसको माना नहीं आज तक मर्द ने एक मजबूर औरत की ना हो गया