मुकम्मल
है ये जानता अह्द-ए-हाज़िर मुकम्मल नहीं वक़्त पर कोई क़ादिर मुकम्मल हमारे तशख्खुस को क्या पूछते हो न कामिल मुसलमां न काफिर मुकम्मल
Creative Work in Hindi and Urdu
है ये जानता अह्द-ए-हाज़िर मुकम्मल नहीं वक़्त पर कोई क़ादिर मुकम्मल हमारे तशख्खुस को क्या पूछते हो न कामिल मुसलमां न काफिर मुकम्मल
दुआ बाशक्ल सवाब ए जारिया खुदा करे कि नया साल इस क़दर गुज़रे मेरी पढ़ते हुए नमाज़ हर फजर गुजरे घनी जो छाँव तेरी रहमतों कि हो हम पर धूप का खौफ किसे हो जो यूं ज़ुहर गुजरे
Aye nuur e hidaayat aa, seene meiN samaa jaanaa Is mahfil e KHaali meiN, Barbaadi e haali meiN Aye nuur e hidaayat aa, seene meiN samaa jaanaa Hai raat ka andHeraa BaDee duur hai baseraa MuJhko bataa de aakar Kis or hai saveraa