नई सड़क पे

नई सड़क पे पुराने मकाँ सा लगता हूँ मैं टूटते हुए हिन्दोस्ताँ सा लगता हू कल मैं लगता था जिसे सारे जहाँ से अच्छा आज उस शख़्स को सारे जहाँ सा लगता हूँ