खुद को मिला हूँ मैं तेरी खैरात की तरह
खुद को मिला हूँ मैं तेरी खैरात की तरह और लुट गया हूँ मैं मेरे जज़्बात की तरह मालूम है क़िस्मत में हमारे नहीं मगर मिलते भी नहीं हमको मुलाक़ात की तरह
खुद को मिला हूँ मैं तेरी खैरात की तरह और लुट गया हूँ मैं मेरे जज़्बात की तरह मालूम है क़िस्मत में हमारे नहीं मगर मिलते भी नहीं हमको मुलाक़ात की तरह